CITS (Craft Instructor Training Scheme) क्या है? ITI के बाद इंस्ट्रक्टर बनने की पूरी जानकारी

अगर आपने अपनी ITI, डिप्लोमा या डिग्री पूरी कर ली है और अब आप तकनीकी शिक्षा की दुनिया में एक 'मास्टर ट्रेनर' या शिक्षक (Instructor) बनने का सपना देख रहे हैं, तो CITS आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

CITS यानी 'क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम' भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा चलाया जाने वाला एक खास प्रोग्राम है। इस कोर्स का असली मकसद आपको सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि 'पेडागोजी' (Pedagogy) यानी पढ़ाने के सही तरीके और हुनर में माहिर बनाना है।

याद रखने योग्य फुल फॉर्म:

1. CITS करने के बड़े फायदे (Benefits of the Scheme)

CITS कोर्स करने के बाद आपको NCIC सर्टिफिकेट मिलता है, जिसे NCVET द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

🎓 ITI में सरकारी नौकरी

सरकारी या प्राइवेट ITI में इंस्ट्रक्टर बनने के लिए यह कोर्स अनिवार्य (Essential) है। बिना इसके आप टीचर नहीं बन सकते।

🏢 इंडस्ट्री में डिमांड

बड़ी कंपनियों में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर (Training Coordinator) के रूप में काम करने का बेहतरीन मौका मिलता है।

💻 डिजिटल कंटेंट क्रिएटर

वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए ई-लर्निंग और शिक्षण सामग्री (WIM) तैयार करने में आप विशेषज्ञ बन जाते हैं।

🌍 ग्लोबल अवसर

इंटरनेशनल मार्केट में वोकेशनल ट्रेनिंग एक्सपर्ट के तौर पर करियर बनाने की प्रबल संभावना रहती है।

2. CITS किसे करना चाहिए? (Who Should Join?)

CITS (Craft Instructor Training Scheme) उन उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त है जो ITI या संबंधित तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर इंस्ट्रक्टर (शिक्षक) बनना चाहते हैं। यह कोर्स विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो सरकारी या निजी ITI/प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाने का करियर बनाना चाहते हैं।

🔹 किन्हें करना चाहिए:

👉 संक्षेप में: यदि आप अपने ट्रेड में विशेषज्ञता के साथ-साथ शिक्षण कौशल विकसित करके स्थिर और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, तो CITS आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

3. कोर्स की अवधि और उपलब्ध ट्रेड्स

कोर्स की अवधि: CITS प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष की होती है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात आपको National Craft Instructor Certificate (NCIC) प्राप्त होता है। आपको यह मालूम होना चाहिए कि CITS एक योजना का नाम है जिसके अंतर्गत एनसीआईसी (NCIC) सर्टिफिकेट दिया जाता है।

सीआईटीएस स्कीम 40 से अधिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रदान करती है। लगभग हर आईटीआई ट्रेड के सापेक्ष एक सीआईटीएस ट्रेड उपलब्ध है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यदि आप किसी व्यवसाय (Trade) से आईटीआई पास हैं, तो आप किसी निश्चित सीआईटीस ट्रेड से ही सीआईटीएस में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

4. प्रशिक्षण संस्थान (Training Institutes)

सीआईटीएस प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के संस्थान हैं, जहाँ आप AICET की काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश ले सकते हैं:

1. NSTIs (National Skill Training Institutes)

सीआईटीएस प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा 33 नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTIs) की देश के विभिन्न राज्यों में स्थापना की गई है। यह सभी इंस्टीट्यूट भारत सरकार द्वारा संचालित उत्तम गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। सीआईटीएस करने हेतु किसी भी अभ्यर्थी का प्रथम विकल्प एनएसटीआई ही होता है। भारत सरकार द्वारा नियंत्रित होने के कारण इन संस्थानों में प्रशिक्षण शुल्क तथा अन्य शुल्क बहुत ही कम होता है। NSTIs में विभिन्न ट्रेड्स में 8200 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

2. Govt. ITOTs (State Government Institutes)

NSTIs के अतिरिक्त देश भर में लगभग 75 से अधिक गवर्नमेंट ITOT संस्थान हैं। यह सभी संस्थान देश के विभिन्न राज्यों में प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए गए हैं जो NSTIs की भाँति ही प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इन सभी संस्थानों में कुल मिलाकर 5500 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

3. Private ITOTs

सीआईटीएस में प्रवेश हेतु AICET की काउंसिलिंग में आप NSTIs तथा Govt. ITOTs के अलावा प्राइवेट ITOTs में भी प्रवेश ले सकते हैं। देश भर में 40 से अधिक प्राइवेट संस्थान उपलब्ध हैं जिनमें लगभग 3500 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों की फीस NSTIs तथा Govt. ITOTs से अधिक होती है।

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